जीवन

जीवन एक अनुभव है। इसे कई दृष्टि ये देखा जा सकता है, जैसे – रहन-सहन, रीति-रिवाज, उन्नति, लक्ष्य आदि। हमें जन्म से मरण तक अलग-अलग अनुभव होता रहता है। हमारे रहन-सहन बदल जाते हैं। हमारे रीति-रिवाज बदल जाते हैं। कभी हमारे नये-नये विचारों से उन्नति होती है, तो कभी अवनति भी होती है। समय-समय पर हमारे लक्ष्य भी बदल जाते हैं। इन्हीं सब विन्दुओं पर मेरे जो विचार हैं, उन्हे इस ब्लॉग में एकत्र करना चाहता हूँ। यदि आप अपने खाली समय में इसे भी देखें और संभव हो तो कुछ टिप्पणी भी देंगे, ऐसी आशा के साथ यह ब्लॉग आपको समर्पित।

Prembahadursnd द्वारा प्रकाशित

मैं एक सामान्य व्यक्ति हूँ। अपना बचपन जगजीवन नगर, धनबाद में बीता। सामने ही जिला स्कूल से मध्यमा(1974) पूरा किया। दो साल (79-80) आर0एस0एस में बिताया। फिर सरस्वती शिशु मंदिर, गोशाला (आर्य समाज, सिन्दरी) में आचार्यरूप में नियुक्त हुआ। कुछ साल (85-88) सरस्वती विद्या मंदिर, धुर्वा राँची में बिताया। सिन्दरी कॉलेज, सिन्दरी से 1989 में I.A. की परीक्षा पास की। अब मैं सरस्वती विद्या मंदिर, सिन्दरी से सेवानिवृत्त (2015) हुआ। यही मेरा परिचय है।

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